आनुपातिकता का सिद्धांत एवं लोकतांत्रिक शासन
लोकतांत्रिक शासन की सफलता केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नहीं, बल्कि नागरिकों की स्वतंत्रता, गरिमा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने में भी निहित है। राज्य का दायित्व सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जबकि नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध एवं असहमति व्यक्त करने का अधिकार भी प्राप्त है। इन दोनों उद्देश्यों के बीच संतुलन स्थापित करने में आनुपातिकता का सिद्धांत (Principle of Proportionality) महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

